मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, 35 कार्यकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण
उरई (जालौन)। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उरई में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि मानसिक समस्याओं को छुपाने के बजाय खुलकर साझा करें, जिससे समय रहते समाधान संभव हो सके।
यह कार्यशाला सामाजिक संस्था प्रयास जन उत्थान समिति एवं दलित डिग्निटी एंड जस्टिस सेंटर द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार, उरई में आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अरविन्द भूषण तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. जे.जे. राम (वरिष्ठ परामर्शदाता) उपस्थित रहे।
35 फ्रंटलाइन वर्कर्स को मिला प्रशिक्षण
कार्यशाला में 35 फ्रंटलाइन वर्कर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वालंटियर्स को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बारीकियों, समस्याओं और उनके समाधान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने क्या कहा
क्लिनिकल साइकेट्रिस्ट डॉ. अर्चना विश्वास ने वीडियो क्लिप के माध्यम से बताया कि जाति, हिंसा और उत्पीड़न का शिकार महिलाओं पर मानसिक और शारीरिक रूप से गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और समय पर परामर्श से मानसिक रूप से स्वस्थ रहा जा सकता है।
साइकियाट्रिक सोशल वर्कर दिनेश सिंह ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि जिला पुरुष अस्पताल में बने मनकक्ष में जाकर लोग निःशुल्क परामर्श और उपचार ले सकते हैं।
वहीं साइकियाट्रिक नर्स आकांक्षा देवी और अलीजा ने भी प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और देखभाल के उपायों से अवगत कराया।
मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 2017 पर जानकारी
संस्था के संस्थापक/संयोजक एडवोकेट कुलदीप कुमार बौद्ध ने मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 2017 के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना समय की जरूरत है।
आगे की कार्ययोजना
कार्यशाला के बाद जिले में मानसिक स्वास्थ्य और हिंसा के शिकार पीड़ितों पर अध्ययन करने तथा गांव और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में एड. निकहत परवीन, अनुराधा बौद्ध, सचिन कुमार, मधु अनुरागी, प्रदीप, अनिता, सुरेंद्र, ऊषा, शालिनी बौद्ध, नंदकुमार, एड. आदिल खान सहित 35 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे।


